Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 89, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 89, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 89 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
श्रीब्रह्मोवाच ।
काहल्या भगवन्भानो को वात्रेन्द्रस्तमोनुद ।
ययोरुदन्तश्रवणे पावनी दृष्टिरेति हि ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्माजी ने
कहा : भगवन् भानुजी, यहाँ पर कौन अहल्या है ओर हे तमोनाशिन् ! कौन इन्द्र है जिनका
वृत्तान्त सुननेपर पवित्र दृष्टि प्राप्त होती है