Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 84, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 84, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 84 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
संपन्नमेव मे कस्मादसंपन्नमिव स्फुटम् ।
इदं जगदनाद्यन्तात्पदात्परमकारणात् ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
कही गई आख्यायिका की प्रकृत में योजना करते है ।
अनुत्पन्न हुआ ही यह जगत् आदिअन्तरहित परमकारण अद्वितीय ब्रह्म से उत्पन्न हुआ-
सा प्रकाशित होता है