Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 81, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 81, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 81 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
अणुनानेन रूपत्वं दृश्यतामिव गच्छता ।
तापेनाम्बुधियेवेदं स्वस्थेनैवापहारितम् ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
(स्वस्थेन जीवितेनोच्चैः ˆ इस प्रश्न का समाधान करते हैँ ।
जैसे मरूभूमि में सूर्य प्रकाश जलबुद्धि से अपना अपहरण करता है, वैसे ही साकार भाव
को प्राप्त होकर दृश्यता को प्राप्त होते हुएे स्वस्थ इसी अणुने अपने वास्तविक रूप का अपहरण
किया हे