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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 78, Verse 29

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 78, verse 29 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 78 · श्लोक 29

संस्कृत श्लोक

न सामान्याविमौ मन्ये विचित्रेयं चमत्कृतिः । वचोवक्रेक्षणेनैव वदत्यन्तर्विनिश्चयम् ॥ २९ ॥

हिन्दी अर्थ

ये कोई सामान्य पुरुष नहीं है, यह कोई विचित्र चमत्कार है, मेरा अन्तःकरण इनके वचन और मुखदर्शन से यानी प्रसन्नता आदि चिह्लों से तत्त्वनिश्चय करता है कि हो न हो ये अवश्य ज्ञानी हैं