Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 75, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 75, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
इदानीमुपशान्तोऽसौ स्वविचारणया स्वयम् ।
ईप्सितानीप्सितैरर्थः को भवेत्कलितैर्मम ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
इस
समय मेरा यह अविवेक आत्मविचार द्वारा अपने आप शान्त हो गया हे । अब प्राप्त हुए इष्ट
और अनिष्ट पदार्थों से मेरा कौन प्रयोजन है ?