Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 70, Verse 20
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 70, verse 20 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 70 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
सूचीभावं प्रपन्नायास्त्यजन्त्याः पीवरं वपुः ।
महामरणमप्यस्या राक्षस्याः सुसुखं स्थितम् ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
स्थूल शरीर को छोडकर
सूचीभाव को प्राप्त हुई उस राक्षसीका महामरण भी यानी महादुःख भी सुखरूप ही हुआ,
क्योकि उसका स्वार्थ में दृढ़ अनुराग था