Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 69, Verse 6

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 69, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

इति संचिन्तयन्तीं तामुवाच कमलालयः । अन्यादृश्यास्तथा दृष्ट्वा स्तनिताभ्रारवोपमम् ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार विचार कर रही तथा शान्ति, दम, दया आदि तपस्वियों के स्वभाव के विरुद्ध हिंसा की इच्छा होने के कारण तपस्विविपरीतस्वभाववाली कर्कटी की वज्रपात के तुल्य अभिलाषा को देखकर ब्रह्माजी ने उससे कहा