Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 69, Verse 18

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 69, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 18

संस्कृत श्लोक

इति गगनगतस्त्रिलोकनाथो गगनगसिद्धग्रहीतसिद्धमन्त्रः । गत उपगतशक्रवन्द्यमानो निजपुरमक्षयमायमुज्ज्वलश्रीः ॥ १८ ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार आकाश में स्थित दिव्यरूपधारी ब्रह्माजी, जिनका सिद्धमन्त्र आकाशचारी सिद्धो द्वारा ग्रहण किया था ओर अपने अन्यान्य कार्यो के लिए आये हुए इन्द्र जिन्हें प्रणाम कर रहे थे, अक्षयमायावाले अपने नगर को गये