Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 68, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 68, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 68 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
तस्या विपुलकायत्वाद्दुर्लभत्वान्निजान्धसः ।
अतृप्तोऽर्णवलेखाया इवाभूज्जाठरोऽनलः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उस कर्कटी का शरीर अत्यन्त विशाल था, अपनी जाति के अनुरूप आहार
उसे नहीं मिलता था, अतएव उसकी जठराग्नि वडवानल की नाई अतृप्त-सी रहती थी