Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 57, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 57, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 57 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
ताभ्यां सा ललना दृष्टा तया ते तु न लक्षिते ।
यस्मात्ते सत्यसंकल्पे सा न तावत्तथोदिता ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उन दोनों ने उस सुन्दरीको
(द्वितीय लीला को) देखा, पर उसने उनको नहीं देखा, क्योकि वे दोनों सत्यसंकल्प थी, पर
वह सत्यसंकल्परूप से आविर्भूत नहीं हुई थी