Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 55, Verse 26

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 55, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 26

संस्कृत श्लोक

स्ववासनानुसारेण प्रेता एतां व्यवस्थितिम् । मूर्च्छान्तेऽनुभवन्त्यन्तः क्रमेणैवाक्रमेण च ॥ २६ ॥

हिन्दी अर्थ

इससे साधारण धर्मात्मा की भी गति प्रायः कही गई, ऐसा मानते हुए उपसंहार करते है । प्रेत अपनी वासना के अनुसार मरणमूर्च्छा के अन्त में अपने हृदय में इस अवस्था का क्रम से और क्रम के बिना भी अनुभव करता है