Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 54, Verse 28
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 54, verse 28 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
रूढादिसर्गे नियतिर्यैकद्वित्रिचतुःशता ।
पूर्वादिष्वायुषः पुंसां तस्या मे नियतिं श्रृणु ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
पहली सृष्टि में सत्य, त्रेता, द्वापर और कलियुग में पुरुषों की
क्रमश: चार सौ, तीन सौ, दो सौ और एक सौ वर्ष की जो आयु स्थिर हुई थी, उसके न्यूनाधिक
होने में भी अवान्तर नियम सुनो