Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 51, Verse 21
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 51, verse 21 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 51 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
सौम्यतामाजगामाशु देशो दशदिगन्वितः ।
क्षीरोदः क्षुभितावर्तो द्रागिवोद्धृतमन्दरः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
महाप्रलय से मथने के
समय भीषण जलभौरियों से भरा हुआ तरंगित क्षीरसागर मन्दराचल को निकाल देने से जैसे
शान्त हो गया था वैसे ही अराजकता के समय उत्पातपूर्ण सारा देश दसों दिशाओं के साथ
शान्त (विनयपूर्ण) हो गया