Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 50, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 50, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 50 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
अथ राजा द्वितीयोऽपि वैष्णवास्त्रस्य शान्तये ।
ददौ वैष्णवमेवास्त्रं शत्रुनिष्ठावपूरकम् ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर दूसरे
राजा ने यानी विदूरथ ने भी वैष्णव अस्त्र की शान्ति के लिए वैष्णव अस्त्र का ही, जो कि शत्रु
की पराक्रम स्थितिके अनुरूप था, प्रयोग किया