Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 49, Verse 34
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 49, verse 34 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 34
संस्कृत श्लोक
यथैव मायासंचारस्तेन तस्य कृतः पुरा ।
तेनापि तस्याशु तथा कृतो बुद्ध्वा स लाघवात् ॥ ३४ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे ही पहले राजा
विदूरथ ने राजा सिन्धु की माया का संचार (उसकी माया को लौटाकर उसी के ऊपर डालना)
किया था, वैसे ही राजा सिन्धु ने भी जानकर बड़ी शीघ्रता और फुर्ती के साथ उसकी माया का
संचार उसी के ऊपर कर दिया