Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, Verse 82
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, verse 82 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 82
संस्कृत श्लोक
उदभूत्प्रथमं बाष्प उष्णोऽनलनिभो भुवः ।
पातालादभ्रवृन्दानां युद्धायेवात्तविभ्रमः ॥ ८२ ॥
हिन्दी अर्थ
पहले मेघो के युद्ध के लिए मानों शूरवीरता को धारण किया हुआ सा अग्नि
के तुल्य गर्म पृथिवी की वाष्प पाताल से निकली