Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 46, Verse 21
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 46, verse 21 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
अथोदभूद्गुणध्वानं चटच्चटदिति स्फुटम् ।
रचितांशुमयाम्भोदाश्चेरुः परपरम्पराः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
राजा विदूरथ के परबल में प्रविष्ट
होने के उपरान्त "चट "चट “ शब्द के साथ साफ सुनाई दे रही प्रत्यंचाध्वनि होने लगी, शत्रुओं
की सेना के झुण्ड के झुण्ड, जिन्होंने अपने हथियारों की कान्ति के मेघ बना डाले थे, इधर-
उधर घूमने लगे