Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 40, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 40, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
अथ ते ललने व्योम तत्परित्यज्य तद्गृहम् ।
रन्ध्रैर्विविशतुर्वातलेखेऽब्जमुकुलं यथा ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर उन दोनों ललनाओं ने पूर्वोक्त मण्डपाकाश को छोड़कर उस घर मेँ जैसे वायु
सुराखोँ से कमल की कली के अन्दर प्रवेश करता हे, वैसे ही झरोखों के सुराखों से प्रवेश
किया