Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 39, Verse 2

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 39, verse 2 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 2

संस्कृत श्लोक

रणरक्तरुचिर्व्योमदर्पणप्रतिबिम्बिता । जहौ सूर्यशिरश्छेदे संध्यालेखोदभूत्क्षणम् ॥ २ ॥

हिन्दी अर्थ

पहले आकाशरूपी दर्पण में प्रतिबिम्बित रणभूमि के रुधिर की कान्ति ने सूर्यरूप अश्वारोही का सिर कटने पर आकाश का त्याग कर दिया | क्षणभर के लिए सन्ध्या ने आगमन किया