Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 37, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 37, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
कोशब्रह्मावसानाश्च च्छिन्ना वस्त्रवतीजनैः ।
भूमौ निपतिताः सन्तो मिलिता मत्तवारणैः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
वस्त्रवती के लोगों
द्वारा काटे गये अतएव भूमि में गिर रहे कोशब्रह्म की सीमा के लोग हाथियों द्वारा कुचल दिये
गये