Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 36, Verse 49
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 36, verse 49 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 36 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
ततोऽजनपदा भूमिर्योजनानां शतद्वयम् ।
ततो महेन्द्रशिखरी मुक्तामणिमयावनिः ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, उसके अनन्तर दो
सौ योजन तक पृथिवी जनपदों से शून्य है, और उसके अनन्तर महेन्द्रपर्वत है, जिसकी भूमि
मुक्तमयी तथा मणिमयी है