Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 31, Verse 26
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 31, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 31 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
अयथाशास्त्रसंचारवृत्तेरर्थेन युध्यते ।
यो नरस्तस्य संग्रामे मृतस्य निरयोऽक्षयः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
उक्त अर्थ को ही विशेषरूप से स्पष्ट करते हुए कहते हैं।
जिस स्वामी का आचरण शास्त्रानुकूल नहीं है, उसके लिए जो पुरुष रणभूमि मेँ युद्ध
करता है, वह यदि संग्राम-भूमि में मरे, तो उसको शाश्वत नरक की प्राप्ति होती हे