Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 120, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 120, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 120 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
तान्परिज्ञातवांश्चासीद्व्याधान्पुल्कसजान्पुनः ।
विस्मयाकुलया बुद्ध्या भूयो बभ्राम संभ्रमी ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
कौतूहल से भरे हुए राजा लवण
ने उन व्याधों को और चण्डालों को पहचाना तथा आश्चर्यमग्न होकर फिर-फिर इधर-उधर
भ्रमण किया