Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 120, Verse 18
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 120, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 120 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
सुतापनीता सह तेन भर्त्रा यमेन यस्या यमुना समाना ।
तमालवल्लीसहपुष्पगुच्छा समीरणेनेव वने वरेण ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
इस समय पति के साथ अपनी लड़की के मरण की संभावना करती हुईं कहती है ।
जैसे वन में तमाल की लता को फूलों के गुच्छों के साथ बलवान् पवन उड़ा ले जाता है,
वैसे ही हो न हो मेरी पुत्री को, जो कि वर्ण में यमुना के तुल्य हे, उस शूर-वीर पतिके साथ यम
भगा ले गया है