Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 114, Verse 69
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 114, verse 69 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 114 · श्लोक 69
संस्कृत श्लोक
जलकल्लोलकह्लारपुष्पसीकरवीचिषु ।
सरस्सु मृगतृष्णाढ्यं मरुत्वं परिदृश्यते ॥ ६९ ॥
हिन्दी अर्थ
इससे जल की तरंग, कमल, जलबिन्दु, छोटी-छोटी लहरों से युक्त तालाबों में मृगतृष्णा
से भरी हुई मरूभूमि का दृश्य दिखाई देता हे