Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 112, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 112, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 112 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
यत्तु चञ्चलताहीनं तन्मनो मृतमुच्यते ।
तदेव च तपःशास्त्रसिद्धान्तो मोक्ष उच्यते ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
जो मन चंचलता रहित है, वह मृतक मन कहा जाता है, वही तप और शास्त्र का
सिद्धान्तरूप मोक्ष कहा जाता है