Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, Verse 5
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, verse 5 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 5
संस्कृत श्लोक
न चोत्पन्ने न च ध्वंसि यत्किलादौ न विद्यते ।
उत्पत्तिः कीदृशी तस्य नाशशब्दस्य का कथा ॥ ५ ॥
हिन्दी अर्थ
सत्ता न होने पर जगत् के उत्पत्ति आदि भी सिद्ध नहीं होते ऐसा कहते हैं।
हे रामजी, न तो यह जगत् उत्पन्न हुआ है ओर न विनाशी ही है । जिसकी पहले सत्ता ही
नहीं है उसकी उत्पत्ति कैसी ओर उसमें विनाश शब्द की ही क्या कथा है ?