Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, Verse 23
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
अत्यन्तासंभवो यावद्बुद्धो दृश्यस्य न क्षयः ।
तावद्द्रष्टरि दृश्यत्वं न संभवति मोक्षधीः ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
क्यो असम्भव है ? ऐसा यदि कोई कहे, तो इस पर कहते हैं।
जब तक मूलाविद्या के विनाश से दृश्य के आत्यन्तिक क्षय का (सर्वथा उच्छेद का) ज्ञान
नहो, तब तक द्रष्टा में दृश्यत्व का अस्तित्व अनिवार्य है, इसलिए मुक्ति नहीं हो सकती