Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 102, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 102, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 102 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
यथा पयोदमरुतोर्यथा षट्पदपद्मयोः ।
तथा राघव संबन्धस्त्वच्छरीरत्वदात्मनोः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, जैसे मेघ और वायु का सम्बन्ध है जैसे भवर और
कमल का सम्बन्ध है वैसे ही आपके शरीर और आपकी आत्मा का सम्बन्ध है, आत्मा और
शरीर का सम्बन्ध मानने पर भी लेपरहित आत्मा में देहप्रयुक्त दुःख आदि की प्राप्ति नहीं
होती है, यह भाव है