Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 100, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 100, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 100 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
सर्वशक्तिर्हि भगवान्यैव तस्मै हि रोचते ।
शक्तिं तामेव विततां प्रकाशयति सर्वगः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवान् सर्वशक्तिशाली हैँ, उनको जब जो शक्ति रूचती है,
सर्वव्यापी वे उसी शक्तिको कार्यरूप में प्रकट करते हैं ॥