Yoga Vasistha — Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 6, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker), Sarga 6, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
मुमुक्षु-व्यवहार प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
द्वयोरद्यतनस्यैव प्रत्यक्षाद्बलिता भवेत् ।
दैवं जेतुं यतो यत्नैर्बालो यूनेव शक्यते ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
दोनों (ऐहिक ओर प्राक्तन) पौरुषो में से एेहिक पौरुष ही
प्रत्यक्षतः बलवान् है, इसलिए जिस प्रकार युवक द्वारा बालक जीता जा सकता हे, वैसे ही इस
जन्म के प्रयत्नो द्वारा दैव (पूर्वजन्म का प्रयत्न) जीता जा सकता है