Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 9, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 9, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 9 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
युष्मदादिप्रणीतेन व्यवहारेण जन्तवः ।
मर्यादां न विमुञ्चन्ति तां न हातुं त्वमर्हसि ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
तुम्हारे जैसे विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा चलाये गये व्यवहार से (नियम से) साधारण अज्ञानी भी मर्यादा का
उल्लंघन नहीं करते, अतः अपनी प्रतिज्ञा का पालन न करना तुम्हारे लिए अत्यन्त अनुचित है