Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, Verse 29
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, verse 29 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
काले काले पृथग्ब्रह्मन्भूरिवीर्यविभूतयः ।
भूतेष्वभ्युदयं यान्ति प्रलीयन्ते च कालतः ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्मन्, किसी समय किसी समुदाय में
विपुल बल और सम्पत्ति से सम्पन्न पुरुष भूतों में उदय को प्राप्त होते हैँ ओर काल पाकर विनाश को
प्राप्त होते हे