Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, Verse 17
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, verse 17 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
राक्षसाः क्रूरकर्माणः कूटयुद्धविशारदाः ।
रामस्तान्योधयत्वित्थं युक्तिरेवातिदुःसहा ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
राक्षस बड़े क्रूर कार्य करनेवाले ओर कूट युद्ध में दक्ष हैं ।
श्रीरामचन्द्र उनके साथ युद्ध करे, यह कल्पना ही मेरे लिए अति असहनीय है