Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
ईदृशोऽसौ सुतो बाल आधिनाऽथ वशीकृतः ।
कथं ददामि तं तुभ्यं योद्धुं सह निशाचरैः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
शरीर से
इतना सुकुमार, अवस्था से बालक मेरा बच्चा है । उस पर उसे मानसिक पीडा ने जकड रखा हे । ऐसी
परिस्थिति में उसे मेँ निशाचरो के साथ लड़ने के लिए आपको कैसे दूँ