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Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 10, Verse 41

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 10, verse 41 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

वैराग्य प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 41

संस्कृत श्लोक

न विद्मः किं महाबाहो तस्य तादृशचेतसः । कुर्मः कमलपत्राक्ष गतिरत्र हि नो भवान् ॥ ४१ ॥

हिन्दी अर्थ

हे महाबाहो, इस प्रकार शोक से परिपूर्ण अन्त:करणवाले श्रीरामचन्द्रजी के विषय में हमें क्या करना चाहिए, जिससे कि उनका शोक निवृत्त हो, यह हम नहीं जानते, अत: हे कमलनयन, हम लोगों को उपाय बतलाने के लिए आप ही हमारे दिग्दर्शक हों