Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 99, Verse 34
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 99, verse 34 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 99 · श्लोक 34
संस्कृत श्लोक
विद्यते वर्तमानत्वं भविष्यद्भूतता तथा ।
बोधाबोधश्च नो सत्यं वस्तु शान्तं किलाखिलम् ॥ ३४ ॥
हिन्दी अर्थ
न तो वर्तमान सच है, न भविष्यत् सच
है ओर न भूतकाल ही सच है, न अज्ञान सच है ओर न उनका ज्ञान सच है । ये सब वस्तुएँ
अज्ञानवश ही प्रतीत होती हैं वास्तव में कुछ नहीं है