Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 86, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 86, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 86 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
परमाणुरथो भूत्वा ततस्त्वन्तर्द्धिमाययौ ।
इत्यसौ शममायातः शरदम्बुदखण्डवत् ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
भद्र, तदनन्तर परमाणुरूप हो गये, फिर एकदम तिरोहित (अदृश्य) हो
गये । इस प्रकार उस तरह जगत् से लेकर रुद्र देह तक महारम्भ करनेवाले भी ये रुद्र शरत्काल के
मेघखण्डों के सदुश मेरे देखते-देखते क्रमशः शान्त हो गये