Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 7, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 7, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 7 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
तारकाजालकलिका ऋक्षौघः कोरकोत्करः ।
वासनागुच्छविसराः पूर्णचन्द्रः फलालयः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
अश्विनी आदि सत्ताईस तारे इसकी प्रधान
कलियाँ हैं, अन्य तारों के समूह इसके अन्य कलियां के समूह हैं, प्राणियों की धर्मादिवासनाएँ इसके
फूलों के गुच्छं के समूह हैं और पूर्ण चन्द्र फलका गुच्छा है