Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 68, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 68, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 68 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
इदमद्यतनं नाम प्रत्यक्षमसदुत्थितम् ।
असत्प्रत्यक्षमेवेति विद्धि प्रत्यक्षमङ्ग तत् ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, इस
समय जो यह मनप्रतयक्ष है वह आधिभौतिक देह आदि की कल्पना द्वारा अत्यन्त असद्रूपसे ही
उदित हुआ है, अतः इसे आप असत् प्रत्यक्ष ही समझिये । और उस योगिप्रत्यक्ष को आप सत् यानी
यथात्म्य की स्फूर्ति होने से मुख्य प्रत्यक्ष जानिये