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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 62, Verse 13

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 62, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 62 · श्लोक 13

संस्कृत श्लोक

यो यो नाम विवेकात्मा शुद्धबोधैकतां गतः । सम एव मयैकात्मा वेद्मि स्वात्मानमीदृशम् ॥ १३ ॥

हिन्दी अर्थ

क्या अकेले आप ही जानते हैं 2 इस पर नही" यह कहते हैं / जो-जो विवेकी पुरुष शुद्ध बोधात्मा के साथ एेक्यको प्राप्त हो चुके हैं, वे सबके सब मेरे साथ एकरूप हो गये हैं, इसलिए मैं उन सबका एक आत्मा होकर अपने आत्मा को इस तरह देखता हूँ