Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 34, Verse 29
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 34, verse 29 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 34 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
सर्गोऽवयववद्भाति सर्व एव परे शिवे ।
एवं तदुपमां विद्धि कार्यकारणवद्यथा ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामभद्र, परब्रह्म मे यह सारा जगत् वृक्षशाखा के सदृश भासता है। वट आदि वृक्षरूप
कार्य एवं उसके बीज आदि कारण के सदृश जैसे लोक में सूक्ष्म अर्थो के लिए सादृश्य प्रसिद्ध हैं वैसे
ही संसार और ब्रह्म का सादृश्य जानिये