Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 33, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 33, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 33 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
आयुर्वायुचलत्पत्रलवाम्बुकणभङ्गुरम् ।
परलोकमहाव्याधिर्यत्नेनाशु चिकित्स्यताम् ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
आयु तो ऐसी क्षणभंगुर (एक क्षण में नष्ट हो जानेवाली) है जैसा कि वायु
से कम्पित हो रहा पत्ते का छोटा टुकड़ा ओर जल कण । इसलिए बड़े यत्न से परलोकरूप
महाव्याधि की शीघ्रातिशीघ्र चिकित्सा करने में तत्पर हो जाओ