Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 198, Verses 18–19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 198, verses 18–19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 198 · श्लोक 18,19
संस्कृत श्लोक
TODO
TODO
हिन्दी अर्थ
सब पदों को मातकर उत्कृष्टता को प्राप्त यह परम बोध न शास्त्र से, न
गुरुजी के उपदेशवाक्य से, न दान से और न ईश्वर के पूजन से ही प्राप्त होता है यानी इन सबसे
ब्रह्मबोध साक्षात् प्राप्त नहीं होता | परम्परा से तो ये उसकी प्राप्ति में साधन हैं ही । हे श्रीरामचन्द्रजी,
अकारण ही ये शास्त्र, गुरू-उपदेश आदि एकमात्र परमात्मा में विश्रान्ति में जैसे चित्तशुद्धि आदि साधनों
की वृद्धि द्वारा पूर्णतया कारण हुए हैं, यह मुझसे सुनिए