Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 144, Verse 73
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 144, verse 73 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 144 · श्लोक 73
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
यदि किसी को यह शंका उठे कि शरीर का नाश होनेपर उसके साथ जीव नष्ट नहीं हुआ यह केसे
मालूम होता है, इस पर प्रत्यक्ष ओर शब्द प्रमाण से यह ज्ञात होता है, ऐसा कहते है।
म्लेच्छ आदि देशों मेँ मरे हुए जो लोग पिशाच की देह से पिशाच यहाँ आये उनका यह सब
भूतविद्या के विशेषज्ञ प्रत्यक्ष देखते हैं वे भी अपने पूर्वजन्म की घर-गृहस्थी, व्यापार आदि का स्मरण
कर स्वयं कहते हैं इससे भी यह सब विषय प्रत्यक्ष अनुभूत होता है