Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 123, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 123, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 123 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
दक्षिणो दक्षशापेन यक्षतामागतः क्षणात् ।
शाकद्वीपे शतेनासौ वर्षाणां मोक्षमागतः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
जलतरंगों में विश्राम ले रहे वायुओं से गेंद की तरह उछाले गये शरीरवाले वे एक
ही क्षण में सौ-सौ योजन पहले पहुँचाये गये फिर वापस लाये गये