Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 121, Verse 20
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 121, verse 20 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 121 · श्लोक 20
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
राजन्, ये मुनिजनों के आश्रम, जिन पर जाति वैर का परित्याग कर आपस में गाढा स्नेह रखनेवाले
सिह-हाथी, नेवला-साँप आदि प्रेम-क्रीडा करते हैं तथा ये सब ऋतुओं में फूल देनेवाले वृक्षों से
पूर्ण है, देखिये