Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 81, Verse 90
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 81, verse 90 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 81 · श्लोक 90
संस्कृत श्लोक
अग्निर्धूमतया भागाद्यां प्रयाति पयोदताम् ।
सद्रूपपरिणामेन तदग्निः सोमकारणम् ॥ ९० ॥
हिन्दी अर्थ
शरीर के बाहर जगत् में सद्रूपपरिणाम से चन्द्र का कारण अग्नि है, इसमें उदाहरण देते हैं।
धूम्ररूप से विभक्त हो जाने के कारण अग्नि जो चन्द्रात्मक जलरूपता को प्राप्त हो जाती है, उसमें
सद्रूप परिणाम से अग्नि चन्द्र का कारण है