Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1) · Sarga 76
पचहत्तरवाँ सर्ग समाप्त छिहत्तरवाँ सर्ग भगीरथ को पुनः राज्यप्राप्ति और ब्रह्मा, रुद्र आदि की आराधना करने से गंगाजी का भूतल पर अवतरण ।
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- Verses 1–5महाराज वसिष्ठजी ने कहा : किरी एक अन्य मण्डल में विद्यमान किसी एक उत्तम नगर में पुत्ररहित…
- Verses 6–11उसी समय दैववश कोशलराज्य का अपहरण करनेवाला राजा भी मर गया, इसलिए अयोध्यावासी जन भी भगीरथ क…
- Verses 12–17उस समय भूतल पर गंगाजी तो थीं ही, फिर वहीं पर पितामहो को जलाजलि उसने क्यो नहीं दी, ऐसी आशं…