Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 7, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 7, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 7 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
अल्पाल्पाष्ठीवदाकारा भुजाक्रूरास्थिशङ्कवः ।
महाबाहुलताशब्दैर्वर्ण्यन्ते कविभिः शुभैः ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रत्येक का विभाग कर यदि देखा जाय,
तो छोटे-छोटे पोर के सदृश आकारवाले जो भुजात्मक क्रूर हड्डीरूपी बर्छियाँ हैं, उनका सुन्दर भुजलता
आदि उत्तम शब्दों से कवि लोग जो वर्णन करते हैं, वह भी अज्ञान की विभूति है